Thursday, September 2, 2010

आरती कुंजबिहारी की... Aarti Kunj Bihari Ki...

श्री कुंजबिहारी जी की आरती

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली ।
लटन में ठाढ़े बनमाली;
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक;
ललित छवि श्यामा प्यारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की...
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

 

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै;
बजे मिरदंग, ग्वालिन संग;
अतुल रति गोप कुमारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की...
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…
 
जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा;
बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;
चरन छवि श्रीबनवारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की...
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

 

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
चहूँ दिसि गोपि ग्वाल धेनू;
हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद;
टेर सुन दीन भिखारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की...
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

17 comments:

Anonymous said...

Thanks for posting lyrics.

www.dheerajburman.com said...

2day my mom completed her prayer by this lyrics. .... so thanks for posting lyrics. ...

Anonymous said...

thanks for lyrics

Unknown said...

Please correct the word ग्वालिन
Correct is ग्वालिनी

ANIL GARG said...

Please correct the word ग्वालिन
Correct is ग्वालिनी

shubh said...

Thanks man

shubh said...
This comment has been removed by the author.
Deepika Bhatia said...

Mine too..

Deepika Bhatia said...

Mine too..

Unknown said...

Good one!

Anil Sharma said...

Good one!

Rahul Tiwari said...

grt

Umesh yadav said...

Very musical and really heart touching

aman kaushik said...

Radhika Raman bihari ki
is also in original bhajan
Go to mathura vrindavana goverdhan brij
So you listening the full original song
So butifull

Anonymous said...

thanks and good job.....

Unknown said...

Mine too

vinay baghel said...

Thankyou so much to share it